सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का इलाज: गर्दन दर्द से हाथ सुन्न क्यों हो जाते हैं? (डॉक्टर की राय)
अगर आप घंटों कंप्यूटर के आगे झुके रहते हैं या फ़ोन को अपनी गोद में रखकर देखते हैं, तो मैं आपसे सीधे पूछना चाहता हूँ: क्या आपको अक्सर गर्दन में अकड़न, दर्द और कभी-कभी तो गर्दन दर्द से हाथ सुन्न होना जैसा महसूस होता है?
लोग इसे महज़ थकान मानकर टाल देते हैं, जबकि यह सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का शुरुआती लक्षण हो सकता है। यह कोई बुढ़ापे की बीमारी नहीं है; यह आज की जीवनशैली की देन है। आइए समझते हैं कि सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के कारण क्या हैं, और आप अपनी गर्दन को बचाकर कैसे रख सकते हैं।
यह दर्द क्यों होता है? गर्दन की नस दबने के लक्षण
आपकी गर्दन, जिसे सर्वाइकल रीढ़ (सर्वाइकल स्पाइन) कहते हैं, सात छोटी हड्डियों (कशेरुकाओं) से बनी होती है। उम्र, चोट या ख़राब मुद्रा के कारण ये हड्डियाँ और उनके बीच के डिस्क (कुशन) कमज़ोर होने लगते हैं।
डिस्क का घिसना: सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के कारणों में सबसे बड़ा कारण यह है कि उम्र के साथ डिस्क घिस जाती है और हड्डियाँ एक-दूसरे से रगड़ खाने लगती हैं।
हड्डी का बढ़ना (Bone Spurs): इस रगड़ को रोकने के लिए, शरीर हड्डियों के किनारों पर छोटे-छोटे उभार (जिन्हें 'स्पर्स' कहते हैं) बनाने लगता है। ये उभार ही गर्दन की नस दबने के लक्षण पैदा करते हैं।
नस दबना: जब ये बढ़ी हुई हड्डियाँ या घिसे हुए डिस्क रीढ़ की हड्डी से निकलने वाली नसों पर दबाव डालते हैं, तो दर्द गर्दन से नीचे, कंधों से होते हुए हाथों तक जाता है—और यही गर्दन दर्द से हाथ सुन्न होना का मुख्य कारण है।
स्पोंडिलोसिस के लक्षण और उपचार को पहचानें
स्पोंडिलोसिस के लक्षण सिर्फ़ दर्द तक सीमित नहीं होते। इन्हें गंभीरता से लें:
गर्दन में जकड़न: ख़ासकर सुबह उठने पर या लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने पर।
हाथों और उँगलियों में सुन्नता या झुनझुनी: यह नस दबने का सबसे स्पष्ट संकेत है।
सिरदर्द: जो अक्सर गर्दन के पिछले हिस्से से शुरू होकर ऊपर की ओर जाता है।
चलने में अस्थिरता (गंभीर मामलों में): रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ने से चलने में लड़खड़ाहट हो सकती है।
✅ बचाव और राहत: सर्वाइकल व्यायाम
डॉक्टर के पास जाने से पहले आप अपनी आदतों में सुधार और गर्दन के दर्द का घरेलू उपाय कर सकते हैं:
गर्दन का ध्यान: मोबाइल देखने से गर्दन दर्द बहुत होता है। फ़ोन को अपनी गोद में देखने के बजाय उसे आँखों के स्तर पर लाएँ।
सही मुद्रा: सर्वाइकल रीढ़ की समस्या का उपचार में सही मुद्रा सबसे ज़रूरी है। काम करते समय हर 30 मिनट में उठें, और अपनी स्क्रीन को आँखों के स्तर पर रखें।
गर्दन का व्यायाम: हल्के सर्वाइकल व्यायाम जैसे—गर्दन को धीरे-धीरे एक तरफ़ झुकाना और फिर दूसरी तरफ़ झुकाना—रोज़ करें। (तेज़ झटके वाले व्यायाम से बचें)।
गर्म सेक: गर्दन के दर्द का घरेलू उपाय में गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड से सेक करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है।
डॉ॰ वर्तिका कुलश्रेष्ठ का अंतिम संदेश:
अगर गर्दन दर्द से हाथ सुन्न होना लगातार बना रहता है, दर्द बढ़ता जाता है, या आपके चलने में कोई परेशानी महसूस हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से मिलें। समय पर निदान और फिजियोथेरेपी ही सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का इलाज का सबसे प्रभावी तरीका है।